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Atomic Structure | Chemistry Chapter 2 | Atomic Structure Complete Notes in Hindi | परमाणु संरचना | General Science | The Pi Path

परमाणु संरचना और सिद्धान्त | Atomic Structure & Theory
2

परमाणु संरचना और सिद्धान्त

Atomic Structure & Theory
📘 The Pi Path | रसायन विज्ञान (Chemistry)
⚛️ परमाणु (Atom)

परिभाषा एवं मूल तथ्य

  • तत्व के सूक्ष्मतम कण को परमाणु कहते हैं।
  • परमाणु अस्थायी होता है और रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है।
  • परमाणु शब्द का परिचय डेमोक्रिटस ने दिया था।
  • परमाणु के लिए दो वैज्ञानिकों ने सिद्धांत दिया — थॉमसन, डाल्टन, रदरफोर्ड, बोर-बरी।

परमाणु मॉडलों का क्रम NCERT Exemplar

J.J. Thomson → डाल्टन → रदरफोर्ड → नील बोर
  • 1. थॉमसन    2. डाल्टन
  • 3. रदरफोर्ड   4. बोर-बरी
🔬 1. थॉमसन का परमाणु मॉडल (Thomson's Atomic Theory)
Thomson's Atomic Theory — सन् 1891-1897 (प्रस्तुति 1898)
  • थॉमसन के अनुसार, परमाणु एक समान आवेशित गोला (त्रिज्या = 10⁻¹⁰m लगभग) है, जिसमें धनावेश समान रूप से वितरित रहता है।
  • इस पर इलेक्ट्रॉन इस प्रकार स्थित होते हैं कि एक स्थिर व स्थायी वैद्युत व्यवस्था प्राप्त हो जाती है।
  • इस मॉडल को Plum-Pudding Model, रंजन-पुडिंग मॉडल और तरबूज मॉडल आदि नामों से जाना जाता है।
  • थॉमसन को सन् 1906 में गैसों की विद्युत चालकता पर नोबेल पुरस्कार मिला।
  • परमाणु का धन आवेश तरबूज के खाने वाले भाग के समान; इलेक्ट्रॉन प्लम/बीज की तरह।
  • परमाणु का द्रव्यमान पूरे परमाणु पर समान रूप से बँटा हुआ माना।
  • परमाणु उदासीन है। NCERT
+ + + + + + e⁻ e⁻ e⁻ e⁻ Atom Model (Thomson) Watermelon Model

Thomson's Plum-Pudding / Watermelon Model

⚠️ थॉमसन मॉडल की सीमाएँ (Limitations)
  • (i) α-प्रकीर्णन प्रयोग तथा हाइड्रोजन के स्पेक्ट्रम की व्याख्या नहीं कर सकता।
  • (ii) परमाणु के स्थायित्व की व्याख्या करने में असफल रहा।
  • (iii) धनात्मक आवेश (प्रोटॉन) व ऋणात्मक आवेश (इलेक्ट्रॉन) कैसे जुड़े हैं — व्याख्या नहीं।
  • (iv) नाभिक का कोई उल्लेख नहीं।
🧪 2. डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (Dalton's Atomic Theory)

मुख्य बिन्दु

  • परमाणु अविभाज्य है।
  • भिन्न तत्व में भिन्न-भिन्न द्रव्यमान और रासायनिक गुण होते हैं।
  • परमाणु अदृश्य कण है जिन्हें रासायनिक अभिक्रिया में निर्मित या नष्ट नहीं किया जा सकता।
  • डाल्टन का सिद्धांत मुख्यतः रासायनिक संयोजन पर आधारित है, यह द्रव्यमान संरक्षण पर भी आधारित है।
  • पदार्थ की प्रकृति के बारे में डाल्टन ने बुनियादी सिद्धांत दिया।
☢️ 3. रदरफोर्ड का नाभिकीय सिद्धांत (Rutherford's Nuclear Theory)
Rutherford's Nuclear Theory
  • परमाणु विभाज्य है, जिसमें एक नाभिक होता है।
  • नाभिक में प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन होता है — इन्हें न्यूक्लिऑन कहते हैं।
  • नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉन चक्कर लगाते हैं — इस पथ को कक्षा कहते हैं।
  • परमाणु अविभाज्य न होने का प्रमाण स्थिर-विद्युत तथा विद्युत चालन की स्थिति से मिलता है। NCERT
  • रदरफोर्ड को नाभिकीय भौतिक का जनक माना जाता है। NCERT
  • परमाणु की त्रिज्या नाभिक की त्रिज्या की तुलना में 10⁵ गुणा बड़ी है। NCERT
  • रदरफोर्ड ने परमाणु की तुलना सौर परिवार से की। NCERT
Radioactive Source Gold Foil N Detector α-किरण सीधे पार विक्षेपित वापस

Rutherford's Gold Foil Experiment — α-कण प्रकीर्णन

🔭 α-प्रकीर्णन प्रयोग के परिणाम
i
कुछ α-किरण सोने के पतले पत्तर (gold foil) से सीधे पार कर गए → परमाणु के अंदर खाली स्थान।
ii
कुछ α-किरण परमाणु के मध्यवर्ती भाग से अपनी दिशा से विचलित → मध्यवर्ती भाग में धनावेश।
iii
α-किरण इसलिए वापस लौट जाती है क्योंकि उसमें उपस्थित धन आवेशित कण विकर्षित करता है।
iv
कुछ α-किरण मध्यवर्ती भाग से अपनी ही दिशा में मुड़ गए → मध्यवर्ती भाग में भारी द्रव्यमान वाला कण = नाभिक
🔩 इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन
मूल कण चिह्न परम आवेश (coulombs) सापेक्ष आवेश द्रव्यमान (kg) सापेक्ष द्रव्यमान खोजकर्ता
इलेक्ट्रॉन e⁻ -1.6022×10⁻¹⁹ -1 9.109×10⁻³¹ 0 J.J. Thomson
प्रोटॉन p +1.6022×10⁻¹⁹ +1 1.672×10⁻²⁷ 1 गोल्डस्टीन / रदरफोर्ड
न्यूट्रॉन n 0 0 1.675×10⁻²⁷ 1 चैडविक
📝 महत्त्वपूर्ण तथ्य
  • प्रोटॉन की खोज "कैनाल रे" के रूप में गोल्डस्टीन ने 1886 में की; व्याख्या रदरफोर्ड ने की। NCERT
  • इलेक्ट्रॉन की खोज के कारण 1905 में थॉमसन को नोबेल पुरस्कार मिला। NCERT
  • Electron को कैथोड किरण भी कहते हैं।
  • Proton को ऐनोड किरण भी कहा जाता है।
  • Electron तथा Proton पर आवेश का मान बराबर होता है लेकिन एक दूसरे के विपरीत दिशा में।
  • Electron, Proton तथा Neutron में Electron सबसे हल्का मौलिक कण है, जबकि Neutron सबसे भारी मौलिक कण है।
  • भेदन क्षमता (Penetrating Power): n > p > e⁻
⚛️ नाभिक — त्रिज्याएँ
नाभिक की त्रिज्या
10⁻¹⁵ m = 1 Fermi/Femto
परमाणु की त्रिज्या
10⁻¹⁰ m = 1 Å (Angstrom)
अंतर
10⁵ m (परमाणु की त्रिज्या, नाभिक से 10⁵ गुणा बड़ी)
हाइड्रोजन परमाणु
10⁻¹⁰ m NCERT
परमाणु त्रिज्या मापन
नेनोमीटर (nm) में NCERT
1 amu = 1.66 × 10⁻²⁴ g

न्यूट्रिनो (⁰₀n)

  • संकेत → ⁰₀n
  • खोजकर्ता → पाउली
  • यह आवेशहीन तथा द्रव्यमानहीन कण है।
  • बोसॉन नामक मौलिक कण का नाम भारतीय वैज्ञानिक सत्येन्द्र नाथ बोस (S.N. Bose) के नाम पर रखा गया है। NCERT
  • मेसॉन की खोज युकावा ने की थी।

पॉजिट्रान (Positron)

  • संकेत → e⁺
  • खोजकर्ता → एण्डरसन
  • इसे Electron का प्रतिकण (Antiparticle) कहा जाता है।
  • निरपेक्ष द्रव्यमान → 9.1 × 10⁻²⁸ g
  • निरपेक्ष आवेश → 1.6 × 10⁻¹⁹ c
Note: जब प्रतिकण (Antiparticle) एक दूसरे की ओर गति करते हैं तो वे परस्पर मिलकर एक दूसरे का विनाश कर देते हैं।
🌀 4. बोर-बरी मॉडल — कक्षा / Shell

कक्षा (Orbit) या Shell

  • नाभिक के चारों तरफ के वृत्ताकार पथ को कक्षा (orbit) या shell कहा जाता है।
  • कक्षा की संख्या 7 है।
  • कक्षा को K, L, M, N, O, P, Q अक्षरों द्वारा सूचित किया जाता है।
  • नाभिक के सबसे नजदीक वाली कक्षा को K कक्षा कहा जाता है।
  • ऊर्जा का क्रम → K < L < M < N < O < P < Q
  • अंदर से बाहर आने पर ऊर्जा बढ़ती है।

बोर-बरी सिद्धांत — अधिकतम e⁻

प्रत्येक कक्षा में अधिकतम इलेक्ट्रॉन = 2n² जहाँ n = कक्षा संख्या

nकक्षाअधिकतम e⁻
1K2×(1)² = 2
2L2×(2)² = 8
3M2×(3)² = 18
4N2×(4)² = 32
5O2×(5)² = 50
6P2×(6)² = 72
7Q2×(7)² = 98
Bohr's Atomic Model n+p Nucleus K (n=1) L (n=2) M (n=3) N (n=4) 10⁻¹⁰m = 1 Å 10⁻¹⁵m = Fermi
🔸 उपकक्षा (Subshell or Suborbit)

कक्षा, उपकक्षा और अधिकतम e⁻

कक्षाउपकक्षाउपकक्षाअधिकतम e⁻
K = 2ss2
L = 8s, pp6
M = 18s, p, dd10
N = 32s, p, d, ff14

उपकक्षाओं में कक्षकों की संख्या

उपकक्षाकक्षकों की संख्या
s = 21 कक्षक
p = 63 कक्षक
d = 105 कक्षक
f = 147 कक्षक
📋 महत्वपूर्ण पदार्थों के परमाणु संख्या एवं द्रव्यमान संख्या
परमाणुपरमाणु संख्या (Z)परमाणु द्रव्यमान (A)आविष्कारक
हाइड्रोजन (H)11हैनरी कैवेन्डिश
हीलियम (He)24लोकेयर
लिथियम (Li)37
बेरीलियम (Be)48
बोरॉन (B)511
कार्बन (C)612
नाइट्रोजन (N)714रदरफोर्ड
ऑक्सीजन (O)816शीले & प्रिस्टले
फ्लोरीन (F)919
नियॉन (Ne)1020
सोडियम (Na)1123डेवी
मैग्निशियम (Mg)1224
एल्युमीनियम (Al)1327
सिलिकॉन (Si)1428
फास्फोरस (P)1531
सल्फर (S)1632
क्लोरीन (Cl)1735.5C.W. शीले
ऑर्गन (Ar)1840
पोटैशियम (K)1940
कैल्सियम (Ca)2040
🔢 परमाणु संख्या एवं परमाणु द्रव्यमान

परमाणु संख्या (Atomic Number Z)

  • खोजकर्ता → मोज्ले (मोसले)
  • किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित Proton की कुल संख्या उस परमाणु की परमाणु संख्या होती है।
  • परमाणु संख्या हमेशा पूर्णांक में होती है।
  • एक सामान्य अनावेशित परमाणु में परमाणु क्रमांक = इलेक्ट्रॉनों की संख्या
p = Z (प्रोटॉन की संख्या = परमाणु संख्या)

परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass A)

  • किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों एवं न्यूट्रॉनों की कुल संख्या का योग = परमाणु द्रव्यमान
A = p + n  |  A = Z + n  |  n = A - Z
उदाहरण: ²³₁₁Na
Z = 11 → प्रोटॉन = 11
A = 23 → न्यूट्रॉन = 23 - 11 = 12

Case I: उदासीन परमाणु (Neutral Atom) — e⁻ = Z

²³₁₁Na:
  • Z = p = e⁻ = 11
  • A = 23, n = 23 - 11 = 12
²³⁵₉₂U:
  • P = z = e = 92
  • A = 235, n = 235 - 92 = 143

Case II: धन आवेश (Positive Charge) — e⁻ की कुल संख्या = परमाणु संख्या - आवेश संख्या

²³₁₁Na⁺:
  • Z = p = 11
  • e⁻ = 11 - 1 = 10
  • n = 23 - 11 = 12
²⁴₁₂Mg⁺⁺:
  • P = z = 12
  • e = 12 - 2 = 10
  • n = 24 - 12 = 12

Case III: ऋणावेशित कण (Negative Charge) — e⁻ की कुल संख्या = परमाणु संख्या + आवेशों की संख्या

¹⁶₈O⁻:
  • z = p = 8
  • e⁻ = 8 + 2 = 10
  • A = 16, n = 16 - 8 = 8
📐 ऑफबाऊ सिद्धांत (Aufbau Principle)

परिभाषा

  • यह एक जर्मन शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ निर्माण करना होता है।
  • इलेक्ट्रॉन सबसे पहले कम ऊर्जा वाले कक्षक में प्रवेश करते हैं, इसके बाद उससे अधिक और इसी क्रम में भरते चले जाते हैं।
  • यही भरना इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (Electronic Configuration) कहलाता है।
ऊर्जा का बढ़ता क्रम: 1s < 2s < 2p < 3s < 3p < 4s < 3d < 4p < 5s .......
Aufbau Filling Order 1s 2s 2p 3s 3p 3d 4s 4p 4d इलेक्ट्रॉन बढ़ती ऊर्जा क्रम में भरते हैं
⚠️ Aufbau Principle के कुछ अपवाद
  • ₂₄Cr (क्रोमियम): → 1s², 2s², 2p⁶, 3s², 3p⁶, 4s¹, 3d⁵ ✓ (न कि 4s², 3d⁴)
  • ₂₉Cu (कॉपर): → 1s², 2s², 2p⁶, 3s², 3p⁶, 4s¹, 3d¹⁰ ✓ = [Ar] 4s¹, 3d¹⁰
  • ₇₉Au (सोना): → [Xe] 4f¹⁴, 5d¹⁰, 4p⁶, 5s², 4d¹⁰, 5p⁶, 6s¹ ✓
  • ₄₇Ag (चाँदी): → 1s², 2s², 2p⁶, 3s², 3p⁶, 4s², 3d¹⁰, 4p⁶, 4d¹⁰, 5s¹ ✓

उत्कृष्ट गैसों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

उत्कृष्टइलेक्ट्रॉनिक विन्यासपरमाणु संख्या (Z)
हीलियम (He)22
नियॉन (Ne)2,810
ऑर्गन (Ar)2,8,818
क्रिप्टॉन (Kr)2,8,18,836
जेनॉन (Xe)2,8,18,18,854
रेडॉन (Rn)2,8,18,32,18,886
🔗 संयोजकता (Valency)

परिभाषा एवं नियम

  • संयोजी इलेक्ट्रॉन की संख्या द्वारा किसी तत्व के परमाणु की संयोजकता (Valency) निर्धारित की जाती है। NCERT
  • संयोजकता परमाणु का संयोजन शक्ति (हाँकि) कहलाता है।
  • यौगिकों की संयोजकता निकालना: एक की संयोजकता दूसरे पर होती है तथा दूसरे की संयोजकता पहले पर।
  • Case I: बाह्यतम कक्षा में 1, 2, 3 या 4 इलेक्ट्रॉन → संयोजकता = संयोजी e⁻ की संख्या
  • Case II: बाह्यतम कक्षा में 5, 6, 7 इलेक्ट्रॉन → संयोजकता = 8 - संयोजी e⁻ की संख्या

यौगिकों की संयोजकता

यौगिकसंयोजकता
NH₃N = 3, H = 1
Al₂O₃Al = 3, O = 2
CuO₅Cu = 3, O = 1
MnO₄Mn = 4, O = 1
Cu₂OO = 2, Cu = 1
⚗️ समस्थानिक, समभारिक, समन्यूट्रॉनिक

समस्थानिक (Isotopes)

  • एक ही तत्व के परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान किंतु द्रव्यमान संख्या भिन्र-भिन्र होती है।
  • प्रोटॉन समान; न्यूट्रॉन भिन्र।
Ex: ¹²₆C और ¹⁴₆C
दोनों में P=6, Z=6 परंतु n=6 और n=8
Ex: ²³⁵₉₂U, ²³⁸₉₂U | ¹⁶₈O, ¹⁷₈O, ¹⁸₈O | ³⁵₁₇Cl, ³⁷₁₇Cl

समभारिक (Isobars)

  • विभिन्न परमाणु जिनके परमाणु भार समान होते हैं।
  • समभारिक में नाभिक (Nucleous) की संख्या समान होती है।
Ex: (¹⁴₆C, ¹⁴₇N) और (⁴⁰₁₈Ar, ⁴⁰₂₀Ca) etc.

समन्यूट्रॉनिक (Isotones)

  • विभिन्न तत्वों के परमाणु में न्यूट्रॉन की संख्या समान हो।
Ex:
(i) (¹⁴₆C, ¹⁶₈O)
(ii) (³¹₁₅P, ³²₁₆O)
(iii) (³₁H, ⁴₂He)

समस्थानिकों का उपयोग

#समस्थानिकउपयोग
iC-14 (कार्बन)जीवाश्मों की उम्र का पता लगाने में
iiU-235 (यूरेनियम)परमाणु भट्टी में ईंधन के रूप में
iiiI-131 (आयोडिन)घेंघा रोग का पता लगाने के लिए; थायराइड ग्रंथि की सक्रियता जाँच
ivFe-26 (लोहे)एनिमिया रोग का पता लगाने में
vAs-74 (आर्सेनिक)ट्यूमर का पता लगाने में
viCo-60 (कोबाल्ट)कैंसर के उपचार में (γ किरण निकलती है)
viiNa-24 (सोडियम)रक्त के थक्के का पता लगाने में
viiiF-59अल्परक्तता (Anemia), क्षय रोग (TB) जाँच में
ixP-32अस्थि (Bone) रोगों के उपचार में
xC-12पौधों में ऊर्वरकों के प्रभाव की जाँच
xiNa-24तेल के कुओं में रिसाव एवं पाइप लाइनों में रिसाव का पता
⚡ सम इलेक्ट्रॉनिक्स (Isoelectronics)

वे परमाणु या आयन जिनमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या बराबर होती है, सम-इलेक्ट्रॉनिक कहते हैं।

H₂O = 10 e⁻
CH₄ = 10 e⁻
D₂O = 10 e⁻
NH₄⁺ = 10 e⁻
H₃O⁺ = 10 e⁻
Mg⁺⁺ = 10 e⁻
Na⁺ = 10 e⁻
Al⁺⁺⁺ = 10 e⁻
F⁻ = 10 e⁻
O⁻ = 10 e⁻
🔭 क्वांटम संख्या (Quantum Numbers)
1
मुख्य क्वांटम संख्या
n
Shell की संख्या तथा उसके आकार को बताती है।
n = 1, 2, 3 ... (कभी 0 नहीं)
2
दिगंशी क्वांटम संख्या
l
Subshell की संख्या एवं उसके आकार को बताती है।
l = 0 to (n-1)
3
चुम्बकीय क्वांटम संख्या
m
Shell/Subshell की स्थिति बताती है।
m = -l to +l

4. चक्रण क्वांटम संख्या (Spin Quantum Number)

  • किसी कक्षा या उपकक्षा में e⁻ के चक्रण को बताती है।
  • मान: S = +½ (clockwise) या S = -½ (anticlockwise)
Pauli's Principle: किसी Orbital में उपस्थित दो electron का चौथा Quantum Number अलग-अलग होगा।
n=1, l=0, m=0, S=+½  |  n=1, l=0, m=0, S=-½

दिगंशी क्वांटम संख्या — उदाहरण

nl के मानSubshell
n=1l=0S
n=2l=0,1S, P
n=3l=0,1,2S, P, d

चुम्बकीय क्वांटम संख्या — उदाहरण

  • m = -l to +l
  • l = 1: m = -1, 0, +1
  • l = 2: m = -2, -1, 0, +1, +2
⬆️ Hund's Rule

हुण्ड का नियम

  • समान ऊर्जा स्तर वाले परमाणुओं में पहले एक-एक इलेक्ट्रॉन भरता है, फिर उसका जोड़ा बनता है।
  • इलेक्ट्रॉन पहले घड़ी की सुई के विपरीत भरते हैं, फिर घड़ी की सुई की दिशा में भरते हैं।
Ex: Na₁₁ = 1S² 2S² 2P⁶ 3S¹ | Cl₁₇ = 1S² 2S² 2P⁶ 3S² 3P⁵
🧬 मूलानुपाती सूत्र (Empirical Formula)

परिभाषा

  • किसी यौगिक के अणु में उपस्थित परमाणुओं के सरलतम अनुपात को व्यक्त करने वाले सूत्र को मूलानुपाती सूत्र कहा जाता है।
  • एक ही मूलानुपाती सूत्र एक से अधिक यौगिकों के लिए हो सकता है।
आण्विक सूत्रमूलानुपाती सूत्र
Benzene (C₆H₆)CH
Hydrogen Peroxide H₂O₂HO
Ethane (C₂H₆)CH₃
H₂OH₂O
आण्विक सूत्र = n × (मूलानुपाती सूत्र)  |  n = आण्विक सूत्र / मूलानुपाती सूत्र

आण्विक द्रव्यमान तथा वाष्प घनत्व

आण्विक द्रव्यमान = 2 × वाष्प घनत्व
V.D = आण्विक द्रव्यमान / 2
  • D₂O का V.D = (2×2+16)/2 = 20/2 = 10
  • H₂SO₄ का V.D = (2+32+64)/2 = 98/2 = 49

Benzene के लिए n का मान

C₆H₆ = 12×6 + 1×6 = 78
CH = 12+1 = 13
n = 78/13 = 6 Ans.
परमाणुकता (Atomicity):
H₂ → 2 | N₂ → 2 | O₂ → 2
He → 1 | Ne → 1
Objective Questions (MCQ)
Q1. परमाणु मॉडलों का समय के साथ सुधार होता रहा है। निम्नलिखित परमाणु मॉडलों को कालानुक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए — (i) रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल, (ii) थॉमसन का परमाणु मॉडल, (iii) बोर का परमाणु मॉडल। NCERT Exemplar
उत्तर: (c) (ii), (i) और (iii)
Q2. रदरफोर्ड के α-कण प्रकीर्णन प्रयोग के परिणामस्वरूप सोना गया — NCERT Exemplar
(a) इलेक्ट्रॉन   (b) प्रोटॉन   (c) परमाणु में नाभिक   (d) परमाण्वीय द्रव्यमान
उत्तर: (c) परमाणु में नाभिक
Q3. एक तत्व X में इलेक्ट्रॉनों की संख्या 15 और न्यूट्रॉनों की संख्या 16 है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व का सही प्रदर्शन है? NCERT Exemplar
(a) ³¹₁₆X   (b) ³¹₁₅X   (c) ¹⁶₁₅X   (d) ¹⁵₁₆X
उत्तर: (a) ³¹₁₆X
Q4. डाल्टन के परमाणु सिद्धांत ने सफलतापूर्वक समझाया— NCERT Exemplar
(i) द्रव्यमान संरक्षण का नियम, (ii) स्थिर अनुपात का नियम, (iii) रेडियोएक्टिवता का नियम, (iv) गुणित अनुपात का नियम
(a) (i), (ii) और (iii)   (b) (i), (iii) और (iv)   (c) (ii), (iii) और (iv)   (d) (i), (ii) और (iv)
उत्तर: (d) (i), (ii) और (iv) — रेडियोएक्टिवता नहीं समझाई
Q5. रदरफोर्ड के नाभिकीय परिरूप के संबंध में कौन-से कथन सही हैं? NCERT Exemplar
(i) नाभिक को धन आवेशित माना, (ii) प्रमाणित किया कि α-कण, हाइड्रोजन परमाणु से गुणा भारी है, (iii) सौर परिवार से तुलना की जा सकती है, (iv) थॉमसन मॉडल से सहमति दर्शाई
उत्तर: (a) (i) और (iii)
Q6. निम्नलिखित में से कौन-सा Mg के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को सही रूप में प्रदर्शित करता है? NCERT Exemplar
(a) 3, 8, 1   (b) 2, 8, 2   (c) 1, 8, 3   (d) 8, 2, 2
उत्तर: (b) 2, 8, 2
🧮 महत्वपूर्ण गणनाएँ (Solved Examples)

e⁻ की संख्या

  • CaCO₃: A=40+12+(16×3)=100 → e⁻ = 20+6+8×3 = 50
  • H₂SO₄: A=2+32+64=98 → e⁻ = 2+16+32 = 50
  • CO₃²⁻: e⁻ = 6+(8×3)+2 = 6+24+2 = 32
  • H₂O: e = 2×1+8 = 10
  • D₂O: e = 2+8 = 10

हाइड्रोजन के समस्थानिक

  • ¹H (प्रोटियम): p=z=e⁻=1, n=0, A=1
  • ²H डयूटीरियम (D): p=z=e⁻=1, n=1, A=2
  • ³H ट्राइटियम (T): p=z=e⁻=1, n=3-1=2 (रेडियो सक्रिय)
CaCO₃ में कार्बन का %:
A = 40+12+16×3 = 100
100g → 12g कार्बन → 12%
⚖️ स्थिर अनुपात का नियम / निश्चित अनुपात का नियम

Law of Constant Proportion / Law of Definite Proportion

  • निश्चित अनुपात का नियम का प्रतिपादन जोसेफ प्राउस्ट वैज्ञानिक ने दिया था।
  • इस नियम के अनुसार रासायनिक पदार्थ में, तत्व हमेशा एक-दूसरे के निश्चित अनुपात में मौजूद होते हैं।
  • Ex: C₂H₄ में C और H के भारों का अनुपात 6:1 है।
🔋 संयोजी इलेक्ट्रॉन या कोर इलेक्ट्रॉन

Valence Electron or Core Electron

  • किसी परमाणु के बाह्यतम कक्षा में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या = संयोजी इलेक्ट्रॉन
  • बाह्यतम कक्षा के अंदर वाली कक्षाओं में उपस्थित इलेक्ट्रॉन = कोर e⁻
  • संयोजी e⁻ की संख्या 1 से 8 तक होती है।
  • संयोजी इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा अन्य इलेक्ट्रॉनों की अपेक्षा अधिक होती है — यही कारण है कि किसी रासायनिक अभिक्रिया में संयोजी इलेक्ट्रॉन ही भाग लेते हैं।
  • संयोजी e⁻ की सहायता से वर्ग संख्या निकाली जा सकती है।
Ex: ²³₁₁Na → E.C = 1s², 2s², 2p⁶, 3s¹ → संयोजी e⁻ = 1 → कोर e⁻ = 10
यदि अंतिम इलेक्ट्रॉन s या p में → A उपवर्ग
यदि अंतिम इलेक्ट्रॉन d या f में → B उपवर्ग
₈O = 1s², 2s², 2p⁴ → संयोजी e⁻ → वर्ग संख्या = VIA
🔵 अणु (Molecules) और परमाणुकता

अणु (Molecules)

  • अणु शब्द का परिचय डेमोक्रिटस ने दिया।
  • किसी पदार्थ का सूक्ष्मतम कण अणु कहलाता है।
  • दो या दो से अधिक परमाणुओं के रासायनिक संयोग से मिलकर बना नया पदार्थ अणु कहलाता है।
  • पदार्थ का सबसे छोटा कण अणु है।
  • Homoatomic molecules: Ex: H₂, N₂, O₂
  • Heteroatomic molecules: Ex: H₂O, NaCl, NH₄Cl

परमाणुकता (Atomicity)

  • किसी अणु में परमाणुओं की कुल संख्या को परमाणुकता (atomicity) कहते हैं।
  • सभी अक्रिय गैस (He, Ar, Ne, Kr, Xe, Rn) एक परमाण्विक अणु (Monoatomic) होते हैं।
  • अक्रिय गैसों की परमाणुकता 1 होती है।
अणुपरमाणुकता
H₂2
N₂2
O₂2
He1
Ne1
🔁 आइसोडाइफर (Isodiapher)

वैसे दो या दो से अधिक पदार्थ जिसमें न्यूट्रॉन तथा प्रोटॉन का अंतर समान हो।

²³⁴₉₀Th²³⁸₉₂U
n144146
p9092
n-p5454