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Chemistry Short Notes in Hindi | Chapter - Matter | रसायन विज्ञान नोट्स

छोटी-छोटी मगर मोटी बातें - रसायन विज्ञान
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छोटी-छोटी मगर मोटी बातें

(Small-Small but Big Things)

⚗️ रसायन विज्ञान (Chemistry)
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रसायन शास्त्र
  • रसायन विज्ञान (Chemistry) विज्ञान की वह शाखा है, जिसके अन्तर्गत पदार्थों की रासायनिक संरचना (Structure), गुणधर्मों (Properties) तथा परस्पर रासायनिक अभिक्रियाओं और उनके परिणामों का अध्ययन किया जाता है।
  • 18वीं शताब्दी के फ्रांसीसी रसायनशास्त्री एंटोनी लेवोंजियर (Antonie Lavoisier) को आधुनिक रसायन विज्ञान का जनक (Father of Modern Chemistry) माना जाता है।
  • रसायनशास्त्र की उत्पत्ति मिस्र में पायी जाने वाली मिट्टी कैमी (chemi) से हुई है। Chemi का शाब्दिक अर्थ 'काला' होता है।
  • अध्ययन की सुविधा के आधार पर Chemistry को तीन भागों में बाँटा गया।
रसायन विज्ञान (Chemistry) ├── भौतिक रसायन (Physical Chemistry) ├── कार्बनिक रसायन (Organic Chemistry) └── अकार्बनिक रसायन (Inorganic Chemistry)
  • भौतिक रसायन : इसके अंतर्गत अणुओं के भौतिक गुणों का अध्ययन किया जाता है।
  • कार्बनिक रसायन : इसके अंतर्गत कार्बन एवं हाइड्रोजन से युक्त रासायनिक यौगिकों (Chemical Compounds) का अध्ययन किया जाता है।
    उदाहरण : C₂H₅OH, CH₃COOH
  • अकार्बनिक रसायन : इसके अन्तर्गत सभी अकार्बनिक का अध्ययन किया जाता है।
    उदाहरण : H₂O, NO₂, SO₂
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पदार्थ (Substance or Matter)
  • वह वस्तु जो स्थान घेरे तथा जिसमें भार हो उसे पदार्थ कहते हैं। जैसे–हवा, पानी, गैस, इत्यादि।
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पदार्थों का वर्गीकरण
पदार्थ ├── भौतिक वर्गीकरण │ ├── ठोस (Solid) │ ├── द्रव (Liquid) │ └── गैस (Gas) └── रासायनिक वर्गीकरण ├── शुद्ध पदार्थ │ ├── तत्व (Element) │ │ ├── धातु (Metal) │ │ ├── अधातु (Non-Metal) │ │ └── उपधातु (Metalloids) │ └── यौगिक (Compound) │ ├── कार्बनिक यौगिक │ └── अकार्बनिक यौगिक └── मिश्रण ├── समांग (Homogeneous) └── विषमांग (Heterogeneous)
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भौतिक अवस्था के आधार पर पदार्थों का वर्गीकरण

भौतिक अवस्था के आधार पर पदार्थों को मुख्यतः तीन वर्गों में बाँटा गया है—

1. ठोस (Solid)

आयतन व आकार दोनों निश्चित

2. द्रव (Liquid)

आयतन निश्चित, आकार परिवर्तनशील

3. गैस (Gas)

आयतन व आकार दोनों परिवर्तनशील

  1. ठोस (Solid) : इसका आयतन तथा आकार दोनों निश्चित होता है। जैसे–पत्थर, कोयला इत्यादि।
  2. द्रव (Liquid) : इसका आयतन निश्चित लेकिन आकार परिवर्तनशील होता है जैसे–पानी, दूध, तेल इत्यादि।
  3. गैस (Gas) : इसका आयतन तथा आकार दोनों परिवर्तनशील होता है। जैसे–कोल गैस, मिथेन इत्यादि।
ठोस, द्रव, गैस के कुछ सामान्य गुण (बढ़ते से घटते क्रम में)
गुणक्रम
गतिज ऊर्जागैस > द्रव > ठोस
घनत्वठोस > द्रव > गैस
अंतर आण्विक आकर्षण बलठोस > द्रव > गैस
अंतर आण्विक स्थानगैस > द्रव > ठोस
प्रत्यास्थताठोस > द्रव > गैस
ससंजक बलठोस > द्रव > गैस
विसरणगैस > द्रव > ठोस
संपीड्यतागैस > द्रव > ठोस
दृढ़ता : पदार्थ का वह गुण जिसमें पदार्थ टूटने से पहले अपने ऊपर होने वाले प्रहार का विरोध करता है। NCERT
Note : ठोस, द्रव, गैस के अलावा पदार्थ की दो और अवस्था होती है।
  • (i) प्लाज्मा अवस्था
  • (ii) बोस आइंस्टीन कण्डनसेट
(i) प्लाज्मा अवस्था (Plasma State)
  • प्लाज्मा का कोई निश्चित आकार या निश्चित आयतन नहीं होता।
  • प्लाज्मा की पहचान सर विलियम क्रूक्स द्वारा 1879 में हुई थी।
  • लेकिन प्लाज्मा नाम इरविंग लैंगम्यूर ने दिया था।
  • यह पदार्थ की चौथी अवस्था है।
  • फ्लोरोसेंट ट्यूब और निर्वात बल्ब में प्लाज्मा होता है। NCERT
  • सूर्य और तारों की ऊष्मा (ऊर्जा) प्लाज्मा अवस्था के कारण होती है।
(ii) बोस आइंस्टीन कण्डनसेट
  • कम घनत्व तथा कम ताप पर पदार्थ को ठंडा करने से BEC तैयार किया जाता है। NCERT
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पदार्थों में होने वाले परिवर्तन

पदार्थों में दो प्रकार का परिवर्तन होता है।

  • (i) भौतिक परिवर्तन [Physical Change]
  • (ii) रासायनिक परिवर्तन [Chemical Change]
I. भौतिक परिवर्तन [Physical Change]
  • यह उत्क्रमणीय प्रक्रिया है। इसमें पदार्थ के भौतिक गुणों में परिवर्तन आता है परंतु रासायनिक गुण समान होता है।
  • यह एक अस्थायी परिवर्तन है। इस परिवर्तन में कोई भी पदार्थ परिवर्तित होने के बाद पुनः अपनी पूर्व अवस्था में आ सकता है।
II. रासायनिक परिवर्तन [Chemical Change]
  • यह अनुक्रमणीय प्रक्रिया है। इसमें नये पदार्थ का निर्माण होता है जो अपने मूल पदार्थ के रासायनिक और भौतिक गुण से भिन्न होता है।
  • यह स्थायी परिवर्तन है इस परिवर्तन में कोई भी पदार्थ परिवर्तित होने के बाद पुनः अपनी पूर्व अवस्था में नहीं आता है।
भौतिक परिवर्तनरासायनिक परिवर्तन
CO₂ से सूखी बर्फ बननामक्खन का खट्टा होना
मोमबत्ती का पिघलनामोमबत्ती का जलना
पानी से बर्फ का बननाअगरबत्ती का जलना
पानी का वाष्प बननाखाने का पचना
चीनी या नमक का पानी में मिश्रणलकड़ी का जलना (ईंधन जलना)
शुष्क बर्फ का सब्लिमेशन (ऊर्ध्वपातन)लोहे पर जंग लगना (ऑक्सीकरण)
कपूर का जलनादूध से दही का बनना
रेत का पानी में विलयनफास्फोरस को कैरोसिन तेल में डालना
अम्लीकृत जल का वैद्युत अपघटनसोडियम को पानी में डालना
लोहे का चुम्बकीयकरणप्लैटिनम तार का जलना
पदार्थों का किण्वन
द्रवित पेट्रोलियम गैस का दहन NCERT Examplar
Note :
  • मोमबत्ती के जलने पर भौतिक एवं रासायनिक दोनों परिवर्तन होता है। NCERT
  • मोमबत्ती का जलना उदाहरण है– रासायनिक परिवर्तन का NCERT Examplar
  • मोमबत्ती के जलते समय कौन-सा परिवर्तन होता है– भौतिक एवं रासायनिक दोनों NCERT Examplar
  • चापाती का बेलना एवं सेंकना किस परिवर्तन का उदाहरण है– भौतिक एवं रासायनिक NCERT Examplar
  • भौतिक अवस्था में परिवर्तन लाया जा सकता है– ऊर्जा देकर या ऊर्जा निकालकर NCERT Examplar
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लोहे पर जंग लगना
  • लोहे पर जंग लगना रासायनिक परिवर्तन है।
  • लोहे पर जंग ऑक्सीजन और नमी की उपस्थिति में लगता है।
  • जंग लगने के लिए O₂ + जल अर्थात् जलवाष्प दोनों की आवश्यकता होती है। NCERT
  • लोहे पर जंग लगने से उसका भार बढ़ जाता है।
  • लोहे पर जंग लगने से उसकी आयु घट जाती है।
  • लोहे को जंग से बचाने के लिए जस्ते का लेपन किया जाता है यह प्रक्रिया जस्तीकरण कहलाती है।
  • किस द्रव में लोहे की कील अपना चमक खो देता है– शीतल पेय (Soft Drink) NCERT Examplar
  • गैल्वेनाइजेशन से किसे बचाया जाता है– लोहा NCERT Examplar
  • लकड़ी को कीड़े-मकौड़े से बचाने के लिए उस पर ZnCl₂ (जिंक क्लोराइड) का लेपन किया जाता है।
  • जस्ते की कमी से मनुष्य में खैरा रोग होता है।
  • लवणयुक्त जल लोहे में जंग लगने के प्रक्रम की दर को बढ़ा देता है। NCERT
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रासायनिक संघटन के आधार पर द्रव्य का वर्गीकरण

रासायनिक संघटन के आधार पर द्रव्य को मुख्यतः तीन प्रकार से वर्गीकृत किया जाता है।

प्रकारश्रेणी
1. तत्व (Element)→ शुद्ध पदार्थ
2. यौगिक (Compound)→ शुद्ध पदार्थ
3. मिश्रण (Mixture)→ अशुद्ध पदार्थ

शुद्ध पदार्थ– मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं।

  • 1. तत्व (Element)
  • 2. यौगिक (Compound)
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तत्व (Element)
  • रॉबर्ट बॉयल पहले वैज्ञानिक थे, जिन्होंने सन् 1661 में सर्वप्रथम तत्व शब्द का प्रयोग किया। NCERT
  • तत्व की परिभाषा सर्वप्रथम एंटोनी लॉरेंट लेवोंजियर ने दिया। NCERT
  • तत्व वह शुद्ध पदार्थ है जिसे तोड़ कर किसी अन्य पदार्थ में परिणत नहीं किया जा सकता है।
  • तत्व के सूक्ष्मतम कणों को परमाणु कहते हैं।
  • अभी तक लगभग 118 तत्व ज्ञात हैं जिसमें लगभग 92 प्रकृति में पाये जाते हैं। खोजा गया अंतिम तत्व ''अनुसेटियम'' है।
  • डॉल्टन ऐसे प्रथम वैज्ञानिक थे जिन्होंने तत्वों के प्रतीकों का प्रयोग अत्यंत विशिष्ट अर्थ में किया। NCERT
  • तत्व के प्रतीक का सुझाव सर्वप्रथम बर्जिलियस ने दिया। NCERT
तत्व (Element) ├── धातु (Metal) ├── अधातु (Non-Metal) └── उपधातु (Metalloid)
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यौगिक (Compound)
  • जब दो से अधिक तत्वों को एक निश्चित अनुपात में मिलाया जाता है तो यौगिक का निर्माण होता है। यह जिन तत्वों से मिल कर बना होता है उनका गुण इसमें विद्यमान नहीं होता।
  • यौगिक के सूक्ष्मतम कण को अणु कहते हैं।
  • यौगिक को केवल रासायनिक/वैद्युत रासायनिक प्रक्रिया द्वारा पृथक किया जाता है। NCERT
अणुओं के प्रकार (Types of Molecules)
अणुओं के प्रकार (Types of Molecules) ├── समअणु (Homomolecules) └── विषम अणु (Heteromoleculer)
  • तापमान – 0°C = 273K = 80°R = 212°F
  • फ्रीजर – 0°C = 273K = 80°R = 32°F
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मिश्रण (Mixture)
  • मिश्रण वह पदार्थ है जिसमें दो या अधिक पदार्थ बिना किसी रासायनिक अभिक्रिया के एक साथ मिले हों तथा जिन्हें भौतिक विधि से अलग किया जा सके।
मिश्रण के प्रकार
समांग मिश्रणविषमांग मिश्रण
घटकएक समान दिखते हैंअलग-अलग दिखते हैं
उदाहरणनमक+पानी, चीनी+पानीआटा+नमक, रेत+पानी
ExCO₂, H₂O NCERTFe, Ni, Co

विषमांग मिश्रण (Heterogeneous Mixture) : जिस मिश्रण में मिले हुए पदार्थों के कण अलग-अलग दिखाई पड़ते हैं उसे विषमांग मिश्रण कहते हैं।

उदाहरण– Fe, Ni, Co
मृदु जल एवं कठोर जल
  • मृदु जल वह जल है जिसमें Ca और Mg के लवण नहीं होते, इसमें साबुन आसानी से झाग देता है।
  • कठोर जल वह जल है जिसमें Ca और Mg के लवण घुले होते हैं। इसमें साबुन आसानी से झाग नहीं देता।
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परमाणुता (Atomicity)

वह संख्या जो किसी तत्व के एक अणु में उपस्थित परमाणुओं की संख्या बताती है, परमाणुता कहलाती है।

तत्वपरमाणुओं की संख्याअणुओं की अवस्था
आर्गन (Ar)1एकपरमाण्विक
हीलियम (He)1एकपरमाण्विक
हाइड्रोजन (H₂)2द्विपरमाण्विक
क्लोरीन (Cl₂)2द्विपरमाण्विक
लोहा (Fe)1एकपरमाण्विक
अमोनिया (NH₃)4चतुष्परमाण्विक
जल (H₂O)3त्रिपरमाण्विक
सल्फर (S₈)8अष्टपरमाण्विक
तत्वों की परमाणुता संख्या
तत्वपरमाणुता की संख्या
Fe1
Ca1
H₂2
H₂SO₄7
Ca₃(PO₄)₂13
CaSO₄6
Ca(OH)₂5
NH₄Cl6
  • H₂O (aq) : जल का अत्यधिक क्वथनांक होने का कारण → H₂O > एथेनॉल > एथेनाल कहलाता है।
  • अनुपात – 2 : 1
  • H₂O का अनुपात – 2 : 16 = 1 : 8
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समावयवता (Isomerism)
  • जब दो या दो से अधिक यौगिकों का अणुसूत्र समान होता है किन्तु संरचना सूत्र अलग-अलग होता है तो उन्हें समावयवी कहते हैं और इस घटना को समावयवता कहते हैं।
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मिश्रण को अलग करने की विधियाँ
प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation)
  • जब दो या दो से अधिक द्रव पदार्थों के मिश्रण को उनके क्वथनांक के अन्तर के आधार पर अलग किया जाता है।
  • वायु का द्रवीकरण करके तथा फिर उसे आसवन द्वारा विभिन्न घटकों में अलग किया जाता है।
  • उदाहरण– कच्चे तेल से पेट्रोल, डीजल आदि अलग करना। NCERT
भाप आसवन (Steam Distillation)
  • जब किसी पदार्थ का क्वथनांक 375°C से अधिक हो तब भाप आसवन विधि से उसे अलग किया जाता है। NCERT
क्रिस्टलीकरण (Crystallization)
  • किसी पदार्थ को उसके अशुद्ध रूप से शुद्ध क्रिस्टल के रूप में अलग करने की विधि क्रिस्टलीकरण है।
  • इस विधि में पदार्थ के गुणों का लाभ उठाया जाता है– NCERT Examplar
  • नमक तथा शक्कर का शुद्धिकरण।
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निस्पन्दन (Filtration)
  • निस्पंदन एक भौतिक पृथक्करण प्रक्रिया है जो एक फिल्टर माध्यम का उपयोक करके ठोस पदार्थ और तरल पदार्थ के मिश्रण को अलग करती है।
  • फिल्ट्रेशन प्लांट में पानी को साफ किया जाता है– रेत, महीन बजरी, मध्य बजरी NCERT Examplar
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विलवणीकरण (Desalination)
  • वह प्रक्रिया जिसमें नमकीन पानी से खनिज पदार्थ को अलग करके मीठे पानी में बदला जाता है।
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विसरण (Diffusion)
  • दो विभिन्न पदार्थों के कणों का स्वतः ही मिलना विसरण कहलाता है। NCERT
  • अत्यधिक रिक्त स्थानों के कारण गैसों का विसरण तीव्रता से होता है। NCERT
  • घनत्व में अन्तर रहने के कारण गैसों का गैसों में मिलना विसरण कहलाता है।
  • ध्यातव्य है कि तापमान के बढ़ने से विसरण का गुण बढ़ता है।
विसरण गुण के कारण ही–
  • गर्म खाने की सुंगध पूरे कमरे में फैल जाती है।
  • इत्र की बोतल से सुंगध का फैलना।
  • मलमूत्र की दुर्गंध का नाकों तक पहुँचना।
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परासरण (Osmosis)
  • इसमें विलायक के अणु कम संद्रता वाले घोल से अधिक सांद्रता वाले घोल की ओर गति करते हैं।
उदाहरण– किशमिश को जल में डालने पर उसका फूलना।
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व्युत्क्रम परासरण (Reverse Osmosis)
  • अणुओं का अधिक सांद्रता वाले विलयन से कम सांद्रता वाले विलयन की ओर गति करना ही व्युत्क्रम परासरण कहलाता है।
उदाहरण– समुद्री जल से आसुत जल बनाना।
Note :
  • सूखे पौधों की डंडियों से अनाज को अलग करना थ्रेशिंग कहलाता है। NCERT
  • अनाज से भूसी को अलग करना निष्पावन कहलाती है। NCERT
  • मिश्रण के नीचे तली में बैठा अवक्षेप को अवसादन तथा ऊपरी भाग को अलग करना निस्तारण कहलाता है। NCERT
  • रंगों को पृथक् करने की प्रक्रिया क्रोमैटोग्राफी कहलाती है।
  • लस्सी से वसा की मात्रा को कम किस विधि से किया जाता है– मंथन NCERT Examplar
  • मक्खन एवं क्रीम बनाने में मंथन विधि का प्रयोग किया जाता है, तथा मक्खन एवं क्रीम से घी किस विधि से प्राप्त किया जाता है– निस्तारण एवं निर्मंदन NCERT Examplar
  • पानी एवं CuSO₄ के विलयन से कॉपर सल्फेट को अलग किया जाता है– वाष्पीकरण विधि द्वारा NCERT Examplar
  • वाष्पन, विसरण और गैसों का प्रसार ताप बढ़ने से– बढ़ता है NCERT Examplar
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ठोस, द्रव तथा गैस पर ताप का प्रभाव
परिवर्तनप्रक्रिया
ठोस का द्रव में बदलनागलन (Melting)
द्रव का ठोस में बदलनाजमना (Freezing)
गैस का सीधे ठोस के रूप में बदलनाDeposition
द्रव का वाष्प में बदलनावाष्पीकरण (Evaporation)
वाष्प का द्रव में बदलनासंघनन (Condensation)
  • ठोस → द्रव → गैस ⇒ ऊष्माशोषी प्रक्रिया
  • गैस → द्रव → ठोस ⇒ ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया
  • क्वथनांक से कम तापमान पर द्रव के वाष्प में परिवर्तित होने की प्रक्रिया को वाष्पीकरण तथा क्वथनांक पर या क्वथनांक से ऊपर वाष्प में बदलना वाष्पण कहलाता है। NCERT
  • वाष्पीकरण एक सतही प्रक्रिया है। NCERT
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उर्ध्वपातन (Sublimation)
  • जब कोई पदार्थ ठोस से सीधे गैस में बदल जाता है तो यह पदार्थ उर्ध्वपातित पदार्थ कहलाता है तथा यह प्रक्रिया उर्ध्वपातन कहलाती है।
जैसे : कपूर, आयोडिन, गंधक (सल्फर), नौसादर (NH₄Cl), एन्थ्रासीन, बेंजोइक अम्ल, नेपथेलीन, आयडोफॉर्म।
Note :
  • बेन्जोइक अम्ल का उपयोग खाद्य पदार्थों के संरक्षण में किया जाता है।
  • समुद्री घास लेमिनेरिया से आयोडिन प्राप्त किया जाता है।
  • समुद्र के पानी से सोडियम प्राप्त किया जाता है अर्थात् समुद्र के पानी में सोडियम होता है।
  • उच्च दाब तथा निम्न ताप पर गैस संघनित हो जाती है।
  • भार → N₂ > He
  • प्रथम सबसे हल्की गैस – हाइड्रोजन (H₂)
  • द्वितीय सबसे हल्की गैस – हीलियम (He)
  • H₂ (हाइड्रोजन) को आवारा गैस कहा जाता है।
  • Hydrogen गैस अधिक ज्वलनशील होता है।
  • वायुयान की टायरों में भरी जाती है – हीलियम (He)
  • गुब्बारों में भरी जाती है – He (हीलियम)
  • कृत्रिम रूप से साँस लेने के लिए अस्पतालों में प्रयोग → O₂ + He (पानी द्रव अवस्था में)
  • कम गहराई पर समुद्र में जाने पर → O₂ + N₂
  • अधिक गहराई पर समुद्र में जाने पर → O₂ + He
  • फुटबॉल में भरी जाने वाली गैस → N₂
  • तेल के नमूने को लम्बे समय तक ताजा रखने के लिए प्रयोग होता है– He एवं N₂ NCERT Examplar
  • यदि दो गुब्बारों में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के समान अणु भरे हुए हों और उनमें एक साथ छेद कर दिया जाए तो हाइड्रोजन से भरा गुब्बारा पहले संकुचित होगा।
  • अस्पतालों में कृत्रिम रूप से सांस लेने के लिए ऑक्सीजन तथा हिलीयम का प्रयोग किया जाता है। जो पात्र में द्रव अवस्था में होता है।
  • कोल्डड्रिंक, फिजसोडा, लेमनसोडा, क्लब सोडा, द्रव में गैस का मिश्रण है।
  • दाब भरन प्रणाली → L.P.G गैस का भरना
  • पंप भरन प्रणाली – पेट्रोल का भरना
  • कोल्ड ड्रिंक में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस भरी जाती है जो जल से अभिक्रिया करके कार्बोनिक अम्ल का निर्माण करती है।
    Ex : CO₂ + H₂O → H₂CO₃ (कार्बोनिक अम्ल)
  • गैस का द्रवण निम्न ताप एवं उच्च दाब पर सुगमता से संपन्न होता है। NCERT Exemplar
  • हाइड्रोजन और हीलियम से भरा गुब्बारा कुछ ऊँचाई पर जाने के बाद फट जाता है।
गुब्बारे से गैस का क्रम
गुब्बारा ├── H₂ – सबसे पहले फटेगा / अधिक दूर जाएगा ├── He └── N₂ – सबसे कम ऊपर जाएगा
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पदार्थों के क्वथनांक (Boiling Points)
पदार्थ (Substance)क्वथनांक (Boiling Point)
1. शुद्ध पानी100°C
2. अशुद्ध पानी100°C से ज्यादा
3. भारी जल (D₂O) गुरू जल, इयुटेरियम ऑक्साइड101.4°C
4. ईथर34°C
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महत्वपूर्ण तथ्य
  • वर्षा का जल, आसुत जल विद्युत का कुचालक है।
  • प्रेशर कुकर के अन्दर खाना जल्दी पक जाता है क्योंकि कुकर के अन्दर जब दाब बढ़ता है तो तापमान लगभग 125°C से 130°C हो जाता है।
  • बारूद– बारूद की खोज रोजर बेकन ने किया था।
    बारूद, चारकोल, गंधक, शोरा का मिश्रण होता है।
  • KNO₃ (Potassium nitrate) → शोरा या नाइटर
  • CaCO₃ (कैल्शियम कार्बोनेट) → खड़िया, चुना पत्थर, संगमरमर
  • Hg (पारा) → Hydrargyrum, पारद, Quick Silver, द्रव धातु कहते हैं।
  • मोती का मुख्य अवयव → CaCO₃ (Calcium Carbonate)
  • अण्डे का आवरण बना होता है → CaCO₃
  • कैप्सूल आवरण बना होता है। → जिलेटिन (प्रोटीन) का, जो जल में सरलता से घुल जाता है।